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सब कुछ हो रहा है इस तरक्की के ज़माने में
मगर ये क्या गज़ब है के आदमी इन्सां नहीं होता
या तो दीवाना हँसे या तू जिसे तौफीक दे
वरना इस ज़माने में रह कर मुस्करा सकता है कौन?
Life is beautiful. The statement is so profound not because it talks about the life or beauty but because it talks about the present. Life IS beautiful. The present that we live every second, is full of beautiful moments and it takes an attitude to cherish them even when we go through a bad patch now and then.
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Saturday, January 23, 2010
Monday, August 17, 2009
आराम करो आराम करो
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आराम ज़िन्दगी की कुंजी, इस से ना तपेदिक होता है
आराम सुधा की एक बूँद तन का दुबलापन खोता है
आराम शब्द में राम छिपा जो भव बंधन को खोता है
आराम शब्द का ज्ञाता तो विरला ही योगी होता है
इस लिए तुम्हे समझाता हूँ मेरे अनुभव से काम करो
ये जीवन यौवन क्षणभंगुर आराम करो आराम करो
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गोपाल प्रसाद व्यास
गोपाल प्रसाद व्यास
Friday, July 3, 2009
जो बीत गई सो बात गई
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जीवन में मधु का प्याला था
तुमने तन मन दे डाला था
वो टूट गया तो टूट गया
मदिरालय का आँगन देखो
कितने प्याले हिल जाते हैं
गिर मिटटी में मिल जाते हैं
जो गिरते हैं कब उठते हैं
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है
-बच्चन
जीवन में मधु का प्याला था
तुमने तन मन दे डाला था
वो टूट गया तो टूट गया
मदिरालय का आँगन देखो
कितने प्याले हिल जाते हैं
गिर मिटटी में मिल जाते हैं
जो गिरते हैं कब उठते हैं
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है
-बच्चन
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ansh
Wednesday, January 21, 2009
ग़ालिब कहते हैं...
ज़िन्दगी तेरी हर बात पे समझौता करूँ
शौक जीने का है पर इतना तो नही
जो मुड़ के भी ना देखे एक बार को
ऐसी मगरुर तमन्नाओं का पीछा ना करो
मैं खुदा था गर होता ना कोई मुद्दा
मेरी आरजूओं ने मुझे बन्दा कर दिया
शौक जीने का है पर इतना तो नही
जो मुड़ के भी ना देखे एक बार को
ऐसी मगरुर तमन्नाओं का पीछा ना करो
मैं खुदा था गर होता ना कोई मुद्दा
मेरी आरजूओं ने मुझे बन्दा कर दिया
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